सावन माह क्या है? महत्व, इतिहास और धार्मिक मान्यता
सावन यानी श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष समय माना जाता है। जानिए सावन माह का महत्व, धार्मिक मान्यता, सावन सोमवार, जलाभिषेक और काशी से इसका गहरा संबंध।
सावन यानी श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का विशेष समय माना जाता है। जानिए सावन माह का महत्व, धार्मिक मान्यता, सावन सोमवार, जलाभिषेक और काशी से इसका गहरा संबंध।
गंगा के किनारे ठहरने का बेहतरीन अनुभव! अलका होटल वाराणसी में पाएं गंगा-व्यू कमरे, जो काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट और प्रसिद्ध गंगा आरती के बेहद करीब स्थित हैं। आपकी यात्रा और अभी अच्छी बन जाये।
काशी में श्मशान को शहर से दूर नहीं रखा गया, बल्कि जीवन के बीच रखा गया है। जानिए इसके पीछे छिपा गहरा आध्यात्मिक और दार्शनिक रहस्य।
काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि भारत की प्राचीनतम जीवित सभ्यता का प्रतीक है। इसे मोक्ष की भूमि, ज्ञान की राजधानी और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र माना जाता है। गंगा के तट पर बसी काशी हजारों वर्षों से साधना, संस्कृति और सनातन परंपराओं का साक्षी रही है, जहाँ जीवन और मृत्यु दोनों का गहरा अर्थ समझ में आता है।
श्री कालभैरवाष्टकम स्तोत्र बहुत ही शक्तिशाली स्तोत्र है, सच्चे मन से बाबा काल भैरव जी का स्तोत्र करने से बाबा का आशीर्वाद मिलता है, बाबा काल भैरव सदैव आपकी रक्षा करते है, यह स्तोत्र करने से आप को भय, बाधा से मुक्ति, शत्रु पे विजय, तेज और यश सम्मान की प्राप्ति होती है। यह स्तोत्र श्री आद्य गुरु शंकराचार्य जी द्वारा रचित है।
गंगा दशहरा हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है, ऐसा माना जाता है कि आज ही के ब्रह्मा जी के कमंडल से भागीरथ जी के कठिन तपस्या से मां गंगा आज ही के दिन धरती पे आई थी