दशाश्वमेध घाट का आध्यात्मिक रहस्य: गंगा आरती का वास्तविक अर्थ
दशाश्वमेध घाट केवल गंगा आरती का स्थान नहीं है। यह काशी की जीवित चेतना है। जानिए गंगा आरती का आध्यात्मिक अर्थ और दशाश्वमेध घाट का रहस्य।
दशाश्वमेध घाट केवल गंगा आरती का स्थान नहीं है। यह काशी की जीवित चेतना है। जानिए गंगा आरती का आध्यात्मिक अर्थ और दशाश्वमेध घाट का रहस्य।
देव दिवाली, हिंदू धर्म में सभी धार्मिक त्यौहार में से बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है देव दीपावली जो कि दिवाली से ठीक 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। दिवाली से ठीक 11 दिन बाद एकादशी से गंगा दशहरा शुरू होता है जो कि पूर्णिमा तक चलता है। यह बहुत ही अच्छा समय होता है, इस दिन गंगा में स्नान ध्यान कर के अन्न दान करना बहुत ही फलदाई होता है, हम कार्तिक पूर्णिमा भी कहते है।
गंगा दशहरा हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है, ऐसा माना जाता है कि आज ही के ब्रह्मा जी के कमंडल से भागीरथ जी के कठिन तपस्या से मां गंगा आज ही के दिन धरती पे आई थी