काशी अविमुक्त क्षेत्र

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का आध्यात्मिक महत्व: शिव की नगरी का हृदय

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का सबसे पवित्र स्वरूप माना जाता है। काशी विश्वनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि शिव और आत्मा के मिलन का दिव्य केंद्र है। काशी विश्वनाथ का आध्यात्मिक महत्व, ज्योतिर्लिंग का रहस्य और काशी को शिव की नगरी क्यों कहा जाता है?

काशी को अविमुक्त क्षेत्र क्यों कहा गया है? इसका वास्तविक अर्थ क्या है

काशी को अविमुक्त क्षेत्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे भगवान शिव का शाश्वत निवास माना गया है। काशी वह दिव्य भूमि है जिसे भगवान शिव ने कभी नहीं छोड़ा। क्या सच में काशी वह भूमि है जिसे शिव ने कभी नहीं छोड़ा? जानिए अविमुक्त क्षेत्र कहलाने का रहस्य I