काशी की पहचान केवल गंगा, मंदिर और आरती से नहीं है।काशी की आत्मा अगर कहीं सबसे स्पष्ट दिखाई देती है, तो वह स्थान है मणिकर्णिका घाट। अधिकांश लोग इस घाट का नाम सुनते ही डर जाते हैं, लेकिन काशी में मणिकर्णिका घाट भय का नहीं, बोध का स्थान माना जाता है।

मणिकर्णिका घाट क्या है?
मणिकर्णिका घाट काशी का वह स्थान है जहाँ अनादि काल से अंतिम संस्कार होता आ रहा है। यहाँ चिताओं की अग्नि कभी बुझती नहीं, लेकिन मणिकर्णिका घाट केवल श्मशान नहीं है, यह जीवन के सबसे गहरे सत्य का साक्षी है।
मणिकर्णिका नाम का अर्थ
‘मणिकर्णिका’ शब्द दो भागों से मिलकर बना है मणि (रत्न) और कर्णिका (कान)। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहीं भगवान शिव और माता पार्वती के मणि गिरे थे, इसी कारण इस स्थान का नाम मणिकर्णिका पड़ा।
मणिकर्णिका घाट को मोक्ष द्वार क्यों कहा गया?
काशी में यह विश्वास है कि जो व्यक्ति मणिकर्णिका घाट पर देह त्याग करता है, उसे पुनः जन्म नहीं लेना पड़ता। यह मान्यता केवल स्थान से जुड़ी नहीं, बल्कि उस चेतना से जुड़ी है, जो इस घाट पर निरंतर अनुभव होती है। यहाँ जीवन और मृत्यु आमने-सामने खड़े होते हैं, और यही सामना मोक्ष की पहली सीढ़ी माना गया है।
मणिकर्णिका घाट और तारक मंत्र
मान्यता है कि मणिकर्णिका घाट पर देह त्याग करने वाले जीव के कान में भगवान शिव स्वयं तारक मंत्र का उपदेश देते हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि अग्नि या स्थान मोक्ष दे देता है, बल्कि यह कि अंतिम क्षणों में आत्मा सत्य के सबसे निकट होती है।
यह घाट डराता क्यों है?
मणिकर्णिका घाट हमें इसलिए डराता है, क्योंकि यहाँ कोई दिखावा नहीं है। यहाँ न धन चलता है, न पद, न अहंकार।
यह घाट हमें याद दिलाता है जो आया है, उसे जाना ही है।
मणिकर्णिका घाट हमें क्या सिखाता है?
- जीवन अस्थायी है
- अहंकार व्यर्थ है
- सत्य से भागा नहीं जा सकता
- मृत्यु अंत नहीं
यही शिक्षा मणिकर्णिका घाट को मोक्ष का द्वार बनाती है।
क्या हर किसी को यहाँ मोक्ष मिल जाता है?
शास्त्र स्पष्ट कहते हैं केवल स्थान से मोक्ष नहीं मिलता। मोक्ष के लिए आवश्यक है स्मरण, स्वीकार और वैराग्य।
मणिकर्णिका घाट इन तीनों के लिए सबसे अनुकूल वातावरण देता है।
मणिकर्णिका घाट का वास्तविक अर्थ
मणिकर्णिका घाट मृत्यु का उत्सव नहीं,बल्कि अज्ञान की समाप्ति है। यह घाट डराने के लिए नहीं, जगाने के लिए है।
इसीलिए काशी में कहा जाता है मणिकर्णिका घाट श्मशान नहीं, मोक्ष का द्वार है।